हम रा हैं। हम आपका स्वागत एक अनंत रचयिता के प्रेम और रोशनी में करते हैं। अब हम संवाद करते हैं।

पिछले संवादों में आपने मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता के बारे में बात की थी। क्या आप कृपया हमें मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता की परिभाषा देंगे?

हम रा हैं। एक ऐसा आयाम है जिसमें समय का कोई प्रभाव नहीं है। इस आयाम में मन/शरीर/आत्मा को, उसके वर्तमान के शाश्वत नृत्य में, संभवतः संपूर्णता में देखा जा सकता है, और इससे पहले कि मन/शरीर/आत्मा समूह, जो आगे चलकर सामूहिक स्मृति समूह का एक हिस्सा बन जाता है, जब स्वेच्छा से एक रचयिता की पूर्णता में विलीन हो जाए, तब वह इकाई स्वयं को उसकी संपूर्णता में जान लेती है।

यह मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता, हम कहेंगे, उस चीज़ के लिए एक संसाधन के रूप में कार्य करती है जिसे आप संभवतः हायर सेल्फ कहेंगे। हायर सेल्फ, बदले में, तीसरी-घनत्वता के अनुभव के शुद्ध निष्कर्षों की जांच करने और आगे के अनुभवों की प्रोग्रामिंग करने का एक साधन होता है। यही चार, पाँच, और छह घनत्वताओं पर भी लागू होता है जबकि सातवीं घनत्वता की प्रक्रिया में मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता चेतना में प्रकट होती है।

फिर क्या मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता, मान लीजिये, मन/शरीर/आत्मा समूह की तीसरी-घनत्वता के अनुभव के दौरान उत्प्रेरक में बदलाव की प्रोग्रामिंग के लिए जिम्मेदार होगी ताकि, हम कहेंगे, तीसरी-घनत्वता के अनुभव के दौरान उस समूह के लिए स्थितियाँ बदलने पर उचित उत्प्रेरक जोड़ा जा सके? क्या यह सही है?

हम रा हैं। यह गलत है। हायर सेल्फ़, जैसा कि आप इसे कहते हैं—अर्थात्, वो स्वयं जो इकाई के संचित अनुभवों की पूर्ण समझ के साथ मौजूद है—इकाई को उन अनुभवों का उपचार प्राप्त करने में सहायता करता है जिन्हें ठीक से नहीं सीखा गया है, और जैसा कि आपने इशारा दिया है, आगे के जीवन के अनुभवों की प्रोग्रामिंग में भी मार्गदर्शन करता है, जैसा कि आप इसे कह सकते हैं।

मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता वह है जिसे हायर सेल्फ पक्ष द्वारा बुलाया जा सकता है, ठीक उसी प्रकार जैसे मन/शरीर/आत्मा समूह हायर सेल्फ को बुलाता है। एक विशेष स्थिति में आपके पास स्थान/समय निरंतरता के भीतर एक सुव्यवस्थित परिस्थिति होती है, जिसमें हायर सेल्फ के पास इकाई द्वारा एकत्र किए गए अनुभवों की संपूर्णता उपलब्ध होती है, और इस घनत्वता में सीखे जाने वाले सबकों की एक अत्यंत दृढ़ समझ होती है।

मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता फिसलती हुई रेत की तरह है और, कुछ हद तक, उसी इकाई के समानांतर विकास का संग्रह है। यह जानकारी हायर सेल्फ़ पक्ष को उपलब्ध कराई जाती है। यह पक्ष तब इन अनुमानित प्रोबेबिलिटी/पॉसिबिलिटी के भंवरों का इस्तेमाल कर सकता है ताकि जिसे आप भविष्य के जीवन की प्रोग्रामिंग कहेंगे, उसमें बेहतर सहायता मिल सके।

सेथ मटेरियल में से हमारे पास यहाँ एक बयान है: सेथ कहते है कि यहाँ पृथ्वी पर प्रत्येक इकाई, एक हायर सेल्फ़, या ओवरसोल, का एक रूप, या हिस्सा है, जिसके कई रूप, या हिस्से, कई आयामों में हैं, और ये सभी ऐसे सबक सीखते हैं जो हायर सेल्फ़ को संतुलित तरीके से विकास करने में सक्षम बनाते हैं। क्या मुझे इससे यह समझना चाहिए कि, क्या यह सही है कि, हम कहेंगे, संभवतः ऐसे कई अनुभव हैं जो तीसरी घनत्वता में हमारे द्वारा अनुभव किए जाने वाले अनुभवों के समान हैं जो एक ही हायर सेल्फ द्वारा मार्गदर्शित होते हैं? क्या यह सही है?

हम रा हैं। इस बयान की सत्यता परिवर्तनशील है। जैसे-जैसे कोई इकाई अधिक संतुलित होती जाती है, वैसे-वैसे समानांतर अनुभवों में पॉसिबिलिटी/प्रोबेबिलिटी के भंवरों को तलाशने की आवश्यकता घटती जाती है।

तो क्या मैं इससे यह समझ सकता हूँ कि हायर सेल्फ, या ओवरसोल, अनेक हिस्सों में विभाजित हो सकता है, यदि किसी अनुभव के लिए, जिसे हम कहेंगे, विभिन्न प्रकार के उत्प्रेरकों का समानांतर रूप से अनुभव करना और फिर उन अनुभवों की निगरानी करना आवश्यक हो?

हम रा हैं। यह एक ऐसा बयान है जिसे हम उन दुविधाओं के कारण सही या गलत नहीं कह सकते जिसे आप समय कहते हैं। वास्तविक समकालिकता केवल तभी उपलब्ध होती है जब सभी चीज़ों को एक साथ घटित होता हुआ देखा जाए। यह उस अवधारणा को पीछे छोड़ देती है जिसके बारे में आप बात कर रहे हैं। अस्तित्व के विभिन्न हिस्सों द्वारा विभिन्न स्वभावों के अनुभवों को समकालिकता में जीने की अवधारणा आपकी उस समझ के कारण पूर्णतः सटीक नहीं है जो यह संकेत दे सकती है कि यह वास्तविक समकालिकता के साथ घटित हो रहा है। वास्तव में ऐसा नहीं है।

यह स्थिति एक ब्रह्मांड से दूसरे ब्रह्मांड तक भिन्न होती है, और समानांतर अस्तित्वों को तब हायर सेल्फ़ द्वारा प्रोग्राम किया जा सकता है, यह मानते हुए कि मन/शरीर/आत्मा संपूर्णता द्वारा प्रोबेबिलिटी/पॉसिबिलिटी भंवरों के संबंध में किसी भी निर्णायक बिंदु पर जानकारी उपलब्ध है।

क्या आप किसी ऐसी इकाई का उदाहरण दे सकते हैं, संभवतः हमारे ऐतिहासिक अतीत में से कोई, संभवतः कोई भी इकाई जिसे आप चुनना चाहें यदि आप किसी का नाम नहीं लेना चाहते हैं, और कृपया एक उदाहरण दे सकते हैं कि हायर सेल्फ द्वारा की गई इस प्रकार की प्रोग्रामिंग फिर कैसे समानांतर अनुभवों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करेगी?

हम रा हैं। दो स्वयं के अस्तित्व की इस स्पष्ट समकालिकता का शायद सबसे सरल उदाहरण, जो वास्तव में एक ही समय/स्थान पर एक ही स्वयं है, यह है: ओवरसोल, जैसा कि आप इसे कहते हैं, या हायर सेल्फ, जो मन/शरीर/आत्मा समूह के साथ समकालिक रूप से अस्तित्व में प्रतीत होता है जिसकी वह सहायता करता है। यह वास्तव में समकालिक नहीं है, क्योंकि हायर सेल्फ, आवश्यकता होने पर, उस मन/शरीर/आत्मा समूह की ओर उस स्थिति से आता है जिसे इस इकाई के भविष्य के रूप में समझा जाएगा।

तो हायर सेल्फ भविष्य से संचालित होता है, जैसा कि हम चीजों को समझते हैं। दूसरे शब्दों में, क्या मेरा हायर सेल्फ उससे संचालित होगा जिसे मैं अपना भविष्य मानता हूँ? क्या यह सही है?

हम रा हैं। आपके स्थान/समय के दृष्टिकोण से, यह सही है।

उस मामले में मेरे हायर सेल्फ को, हम कहेंगे, सटीक रूप से यह जानने में एक बड़ा लाभ होगा कि वास्तव में क्या आवश्यक है क्योंकि जहाँ तक मेरा सवाल है, उसे पता होगा कि… क्या होने वाला है। क्या यह सही है?

हम रा हैं। यह गलत है, क्योंकि इसमें स्वतंत्र इच्छा का हनन होगा। हायर सेल्फ पक्ष छठी घनत्वता के माध्यम से सीखे गए सबकों से भली-भांति अवगत होता है। विकास दर काफी अच्छी तरह से समझी गयी है। हायर सेल्फ को उसके यथार्थ स्वरुप में प्राप्त करने के लिए जो चुनाव किए जाने चाहिए वो मन/शरीर/आत्मा समूह के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

इस प्रकार, हायर सेल्फ उस नक्शे की तरह है जिसमें मंजिल का पता होता है; रास्ते काफ़ी अच्छी तरह से जाने पहचाने होते हैं, ये रास्ते अनंत बुद्धिमानिता द्वारा बुद्धिमान ऊर्जा के माध्यम से डिज़ाइन किए गए होते हैं। हालाँकि, हायर सेल्फ पक्ष यदि वो ऐसा चाहे तो केवल सबकों और कुछ पूर्वनिर्धारित सीमाओं के लिए ही प्रोग्राम कर सकता है। बाकी यह पूरी तरह से हर इकाई का स्वतंत्र चुनाव है। यहाँ ज्ञात और अज्ञात के बीच एकदम सही संतुलन है।

मुझे खेद है कि मुझे इन अवधारणाओं को समझने में इतनी कठिनाई हो रही है, लेकिन मुझे यकीन है, कि इन्हें हमारी समझ और भाषा में अनुवाद करना काफी मुश्किल है, और हो सकता है कि मेरे कुछ सवाल थोड़े बेतुके लगें। लेकिन क्या इस हायर सेल्फ के पास भौतिक वाहन या हमारे भौतिक वाहन जैसा किसी प्रकार का वाहन होता है? क्या इसके पास कोई शारीरिक समूह होता है?

हम रा हैं। यह सही है। हायर सेल्फ छठी घनत्वता में एक निश्चित प्रगति पर होता है और सातवीं की ओर बढ़ रहा होता है। सातवीं में अच्छी तरह से प्रवेश करने के बाद, मन/शरीर/आत्मा समूह इतने संपूर्ण रूप से मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता बन जाता है कि यह आध्यात्मिक द्रव्यमान इकट्ठा करना शुरू कर देता है और अष्टक की घनत्वता की ओर अग्रसर होने लगता है। इस प्रकार उस बिंदु पर पीछे की ओर देखना समाप्त हो जाता है।

क्या प्रत्येक इकाई के हायर सेल्फ का स्वरूप छठे-घनत्वता का होता है?

हम रा हैं। यह सही है। यह स्वयं से स्वयं के प्रति कर्तव्य/सम्मान है जब कोई सातवीं घनत्वता की ओर बढ़ता है।

ठीक है, तो मैं यह सुनिश्चित कर लूँ कि मैं इसे सही समझ रहा हूँ। हमने कुछ विशेष चुने हुए व्यक्तियों की चर्चा की है। उदाहरण के लिए, हमने पिछले संपर्क में जॉर्ज पैटन की चर्चा की थी। फिर लगभग चालीस वर्षों पूर्व जॉर्ज पैटन के रूप में उनके जन्म के समय उनका हायर सेल्फ़, उस समय उनका हायर सेल्फ़ छठी-घनत्वता में था? क्या यह सही है?

हम रा हैं। यह सही है। हम इस समय यह ध्यान दिलाना चाहते हैं कि प्रत्येक इकाई के पास ऐसे कई जीव होते हैं जिन्हें वह आंतरिक समर्थन के लिए बुला सकती है। इनमें से किसी को भी एक इकाई के द्वारा मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता के रूप में लिया जा सकता है। हालांकि, वास्तव में ऐसा नहीं है।

मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता एक अस्पष्ट संग्रह है जिसमें वह सब कुछ समझ में समाहित है जो घटित हो सकता है—हायर सेल्फ स्वयं मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता का एक प्रतिबिंब, या अभिव्यक्ति, है—जो फिर पुनर्जन्म चक्र के देहमुक्त चरण के दौरान मन/शरीर/आत्मा से संवाद कर सकता है, अथवा देहधारण की अवस्था में भी संवाद कर सकता है यदि मन की जड़ों के माध्यम से उचित मार्ग या चैनल्स खोले जाएँ।

ये चैनल्स तब ध्यान द्वारा खोले जाएंगे, और मैं मान रहा हूँ कि तीव्र ध्रुवीकरण इसमें मदद करेगा। क्या यह सही है?

हम रा हैं। यह आंशिक रूप से सही है। तीव्र ध्रुवीकरण आवश्यक रूप से, मन/शरीर/आत्मा समूह में, ओवरसोल से संपर्क करने की इच्छा या आवश्यकता उत्पन्न नहीं करता। प्रत्येक जीवन अनुभव का मार्ग अद्वितीय होता है। हालांकि, ध्रुवीकरण के होने पर, इच्छाशक्ति में काफी वृद्धि होती है और ऐसा इसके विपरीत भी सही है।

आइए उदाहरण के लिए मैं उस व्यक्ति को लेता हूँ जिसे आपने हिम्मलर कहा था। इससे हम यह मान रहे हैं कि उसका हायर सेल्फ छठी घनत्वता का था, और यह कहा गया था कि हिम्मलर ने नकारात्मक मार्ग चुना था। क्या उसका हायर सेल्फ फिर छठी-घनत्वता नकारात्मक प्रकार की स्थिति में वास करता होगा? क्या आप इस अवधारणा को विस्तार से समझा सकते हैं?

हम रा हैं। ऐसे कोई भी [नकारात्मक] 1 जीव नहीं हैं जिन्होंने ओवरसोल की अभिव्यक्ति प्राप्त की हो, जो कि छठी घनत्वता की अंतिम अवस्था में स्थित मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता का सम्मान/कर्तव्य होता है, जैसा कि आप इसे अपने समय माप के अनुसार कहेंगे। इन नकारात्मक झुकाव वाले मन/शरीर/आत्मा समूहों को एक ऐसी कठिनाई होती है जिसे, हमारी जानकारी के अनुसार, कभी पार नहीं किया गया है, क्योंकि पाँचवीं-घनत्वता से स्नातक होने के बाद ज्ञान तो उपलब्ध हो जाता है, किंतु उसे समान मात्रा में प्रेम के साथ संतुलित करना आवश्यक होता है। जब कोई नकारात्मक मार्ग का अनुसरण कर रहा होता है तब एकता में इस प्रेम/रोशनी को प्राप्त करना अत्यंत, अत्यंत कठिन होता है, और छठी घनत्वता के प्रारंभिक चरण में, नकारात्मक झुकाव वाले समाज समूह उस संभावना को त्यागने और छठी घनत्वता सकारात्मक में छलांग लगाने का विकल्प चुनेंगे।

अतः, वह ओवरसोल सकारात्मक दिशा की ओर ही होता है जो अपनी समझ उन सभी के लिए उपलब्ध कराता है जो ऐसी सहायता के लिए तैयार हैं। हालांकि, व्यक्तिगत स्वतंत्र इच्छा सर्वोपरि होती है, और हायर सेल्फ द्वारा दी गई कोई भी मार्गदर्शन मन/शरीर/आत्मा समूह के चुनाव पर निर्भर करते हुए सकारात्मक या नकारात्मक ध्रुवीयता में देखी जा सकती है।

फिर हिम्मलर को उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल करते हुए, जब वह 1940 के दशक में अवतरित हुआ था क्या उस समय उसका हायर सेल्फ छठी घनत्वता की सकारात्मक झुकाव वाला हायर सेल्फ था?

हम रा हैं। यह सही है।

क्या हिम्मलर उस समय किसी भी रूप में अपनी हायर सेल्फ से संपर्क में था जब वह 1940 के दशक में अवतरित था?

हम रा हैं। हम आपको स्मरण कराते हैं कि नकारात्मक मार्ग विभाजन का है। पहला विभाजन क्या होता है? स्वयं से स्वयं का।

हिम्मलर के नाम से जाना जाने वाले व्यक्ति ने किसी भी स्रोत से मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए अपनी इच्छाशक्ति और ध्रुवीकरण की क्षमताओं का इस्तेमाल करने का विकल्प नहीं चुना था, बल्कि केवल अपनी उन चेतन प्रेरणाओं से किया, जो जीवन के अनुभवों में स्वयं-चुनी गई थीं और अन्य जीवन के अनुभवों में बनाए गए पूर्वग्रहों द्वारा पोषित थीं।

ठीक है, फिर मान लीजिए कि जब हिम्मलर, उदाहरण के लिए, छठी-घनत्वता नकारात्मक की शुरुआत में छठी-घनत्वता में पहुँचता है, तो क्या उस समय यह स्थिति उत्पन्न होती है कि वह इकाई यह महसूस करती है कि उसका हायर सेल्फ छठी-घनत्वता सकारात्मक झुकाव वाला है और, इसी कारणवश, वह नकारात्मक से सकारात्मक झुकाव की ओर छलांग लगाती है?

हम रा हैं। यह गलत है। छठी-घनत्वता की नकारात्मक इकाई अत्यंत बुद्धिमान होती है। वह उस आध्यात्मिक अव्यवस्था का निरीक्षण करती है जो छठी घनत्वता की एकता को व्यक्त करने की क्षमता की कमी के कारण उत्पन्न होती है। इस प्रकार, रचयिता से प्रेम करते हुए, और किसी बिंदु पर यह महसूस करते हुए कि रचयिता केवल स्वयं ही नहीं है, बल्कि स्वयं के रूप में अन्य-स्व भी है, यह इकाई सचेत रूप से ऊर्जा को एक क्षण में ही एक नई दिशा में संरेखित करना चुनती है ताकि वो अपने विकास की प्रक्रिया को जारी रख सके।

फिर छठी-घनत्वता की वह इकाई जो सकारात्मक झुकाव के साथ उस बिंदु तक पहुँच चुकी होती है वो बनने का चुनाव कर सकती है जिसे हम एक घुमक्कड़ कहते है और वापस आ सकती है। मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या ऐसा कभी नकारात्मक झुकाव वाली छठी-घनत्वता की इकाई के साथ भी होता है? क्या कोई घुमक्कड़ बनकर वापस आता है?

हम रा हैं। एक बार जब नकारात्मक ध्रुवीकरण वाली इकाई ज्ञान की घनत्वता में एक निश्चित बिंदु तक पहुँच जाती है तो यह अत्यंत असंभव हो जाता है कि वह भूलने के जोखिम का चयन करेगी, क्योंकि उसका यह ध्रुवीकरण निःस्वार्थ नहीं बल्कि स्वार्थपरक होता है, और ज्ञान के साथ, इस तरह के “घुमक्कड़ बनने” के खतरे को जानता है। कभी-कभी कोई छठी-घनत्वता की नकारात्मक इकाई नकारात्मक ध्रुवीकरण को आगे बढ़ाने के प्रयास में एक घुमक्कड़ बन जाती है। यह अत्यंत असामान्य होता है।

तो फिर उसकी प्रेरणा क्या है… ओह, पहले मुझे सवाल पूरा करने दीजिए।

प्रेरणा क्या है— घुमक्कड़ बनने के माध्यम से यह असामान्य छठी-घनत्वता की इकाई और अधिक नकारात्मक रूप से ध्रुवीकृत होने के लिए कौन-सा तरीका अपनाना चाहेगी?

हम रा हैं। घुमक्कड़ के पास उस घनत्वता को अत्यधिक गति प्रदान करने की क्षमता होती है जहाँ से वह अपने विकास-क्रम में आगे बढ़ने के लिए आया है। यह तीसरी घनत्वता के गहन जीवन अनुभवों और अवसरों के कारण है। इस प्रकार सकारात्मक रूप से झुकाव वाला घुमक्कड़ भूल जाने के खतरे को चुनता है ताकि वह दूसरों के प्रति प्रेम की रोशनी फैला कर दूसरों की सेवा कर सके। यदि इस भूलने को भेद दिया जाए तो तीसरी घनत्वता में उत्प्रेरक की मात्रा घुमक्कड़ को उन उच्च और अधिक सामंजस्यपूर्ण घनत्वताओं की अपेक्षा कहीं अधिक कुशलता से ध्रुवीकृत कर देगी।

इसी प्रकार, नकारात्मक रूप से झुकाव वाला घुमक्कड़ भी भूलने का जोखिम उठाने का साहस करता है ताकि वह तीसरी घनत्वता में स्वयं की सेवा करते हुए, अन्य-स्वयं को नकारात्मक ध्रुवीकरण से संबंधित जानकारी सुनने का अवसर प्रदान करके अपनी ही घनत्वता में विकास-क्रम में तीव्रता से आगे बढ़ सके।

क्या हमारे ऐतिहासिक अतीत में छठी-घनत्वता के नकारात्मक रूप से झुकाव वाले घुमक्कड़ों के उदाहरण हैं?

हम रा हैं। यह जानकारी हानिकारक हो सकती है। हम इसे रोकते हैं। कृपया अपने आस-पास की इकाइयों को रचयिता के अंश के रूप में देखने का प्रयास करें। हम और अधिक विस्तार से समझा नहीं सकते।

धन्यवाद। मैं यह सोच रहा था कि क्या रा से संपर्क की पात्रता—जिस प्रकार का संपर्क हम अभी कर रहे हैं—में इस भूलने की प्रक्रिया को भेदना भी शामिल हो सकता है? क्या यह सही है?

हम रा हैं। यह बिलकुल सही है।

अन्यथा भ्रम का नियम इसे प्रतिबंधित कर देगा? क्या यह सही है?

यह सही है।

मैं यह भी सोच रहा था कि क्या इस प्रकार के कार्य के लिए न्यूनतम आवश्यक संख्या तीन थी? क्या यह सही है?

हम रा हैं। इस उपकरण की सुरक्षा के लिए, यह न्यूनतम समूह के रूप में आवश्यक है, और साथ ही इस समूह में असाधारण सामंजस्य के कारण यही संख्या सबसे अधिक प्रभावी भी है। अन्य समूहों में संख्या अधिक हो सकती है, लेकिन हमने इस संपर्क में देखा है कि इस समय उपस्थित व्यक्तिगत मन/शरीर/आत्माएं सबसे प्रभावी समर्थन प्रदान करतें हैं।

मैं हायर सेल्फ के संबंध में एक बिंदु पर थोड़ा अस्पष्ट हूँ। अब मेरा मानना है, हम में से प्रत्येक की, छठी-घनत्वता के सकारात्मक स्तर पर एक स्वतंत्र या अलग हायर सेल्फ होता है। क्या यह सही है? इस कमरे में हम सभी के अर्थात, यहां, हम तीनों के?

हम रा हैं। यह इस सत्र का आख़िरी पूरा सवाल होगा। हम आपके सवाल के इरादे को पूरा करने का प्रयास करेंगे जैसा कि हम इसे समझते हैं। कृपया किसी भी अतिरिक्त जानकारी का अनुरोध करें।

सबसे पहले, यह सही है कि इस निवास स्थान में प्रत्येक के पास एक ओवरसोल है, जैसा कि आप इसे कह सकते हैं। हालांकि, इन इकाइयों की तिकड़ी के बार-बार सामंजस्यपूर्ण संवादों के कारण, तीनों इकाइयों के हायर सेल्व्स के अलावा भी एक और सामंजस्यपूर्ण संबंध देखा जा सकता है; अर्थात, प्रत्येक सामूहिक स्मृति समूह के पास एक ऐसा ओवरसोल होता है, जिसे आपको शब्दों में वर्णित करना कठिन है। इस समूह में दो ऐसे सामूहिक स्मृति समूह की संपूर्णताएँ हैं जो इस समय आपकी हायर सेल्व्स के साथ अपने प्रयासों को मिला रही हैं।

हमारे यहाँ जागरूकता की सीमाओं के कारण कभी-कभी इन अवधारणाओं में से कुछ का थोड़ा सा भी समझ पाना हमारे लिए बहुत कठिन होता है। मुझे लगता है कि आज की बातचीत पर कुछ चिंतन करने से हमें इन अवधारणाओं के बारे में सवालों को तैयार करने में मदद मिलेगी।

हम रा हैं। क्या हम इस उपकरण को छोड़ने से पहले कोई छोटा सवाल पूछ सकते हैं?

मैं केवल एक छोटा सा सवाल पूछूँगा जो शायद आप समाप्त होने से पहले जवाब ना दे सकें…

छोटा सवाल यह है: क्या आप मुझे बता सकते हैं कि आज पृथ्वी पर मौजूद घुमक्कड़ों में से कितना प्रतिशत इस स्मृति अवरोध को भेदने में सफल रहा है और यह जान पाया है कि वे कौन हैं, और फिर अंत में, क्या हम कुछ ऐसा कर सकते हैं जिससे इस उपकरण की स्थिति अधिक आरामदायक हो या संपर्क में सुधार हो सके?

हम रा हैं। हम उन लोगों के प्रतिशत का केवल अनुमान लगा सकते हैं जो अपनी स्थिति को बुद्धिमत्तापूर्वक भेद रहे हैं। यह प्रतिशत लगभग आठ और आधा से लेकर नौ और तीन-चौथाई के बीच है। एक बड़ा प्रतिशत उन लोगों का समूह है जिनमें काफ़ी हद तक स्पष्ट, हम कहेंगे, लक्षणों का समूह होता है जो यह संकेत देता है कि वे इस तथाकथित, हम कहेंगे, पागलपन का हिस्सा नहीं हैं। इनकी संख्या शेष बचे हुए लोगों के लगभग पचास प्रतिशत से थोड़ी अधिक है। शेष बचे हुए लोगों में से लगभग एक-तिहाई यह जानते हैं कि उनके भीतर कुछ अलग है।

जैसा कि आप देख सकते हैं, एक घुमक्कड़ होने के ज्ञान के प्रति जागरूकता की कई अवस्थाएँ होती हैं। हम यह भी जोड़ सकते हैं कि यह जानकारी मुख्यतः इन समूहों में से मध्य और प्रथम समूह के लिए ही, हम कहेंगे, समझ में आने योग्य है।

इस उपकरण ठीक है। विश्राम का स्थान इस उपकरण के भौतिक वाहन की पीठ के भाग के आराम पर कुछ हानिकारक प्रभाव डाल रहा है। हमने पहले भी इसका उल्लेख किया है।

आप कर्तव्यनिष्ठ हैं। अब हम आपको छोड़ते हैं, हमारे दोस्तों।

हम रा हैं। हम आपको उस एक अनंत रचयिता के प्रेम और रोशनी में छोड़ते हैं। आगे बढ़ो, उस एक अनंत रचयिता की शक्ति और शांति में आनंदित रहो। अडोनाई।


  1. “ऑडियो में ‘नकारात्मक’ शब्द सुनाई नहीं देता, लेकिन संदर्भ से यह संकेत मिलता है कि यही रा का आशय था।”