हम रा हैं। हम आपका स्वागत एक अनंत रचयिता के प्रेम और रोशनी में करते हैं। अब हम संवाद करते हैं।
48.1प्रश्नकर्ता
क्या आप मुझे उपकरण की स्थिति बता सकते हैं और क्या वह समय के साथ बेहतर हो रही है?
रा
हम रा हैं। इस उपकरण की जीवन ऊर्जाएँ समय के साथ, जैसा आप इसे मापते हैं, बेहतर हो रही है। इस उपकरण की शारीरिक ऊर्जाएँ आपकी पिछली पूछताछ से कम है।
48.2प्रश्नकर्ता
मेरे पास उपकरण की ओर से एक सवाल है जिसे मैं पढ़ूँगा: “आपने कई बार सुझाव दिया है कि यौन ऊर्जा हस्तांतरण इस उपकरण की जीवन ऊर्जा और इस संपर्क में सहायक होता है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह सभी लोगों के लिए सही नहीं है; कि यौन ऊर्जा तंत्र और आध्यात्मिक ऊर्जा तंत्र एक समान नहीं हैं। क्या यह उपकरण एक अपवाद है, या क्या यौन गतिविधि का आध्यात्मिक ऊर्जा पर सकारात्मक प्रभाव सभी तीसरी-घनत्वता के जीवों के लिए सामान्य है?”
रा
हम रा हैं। यह उपकरण, यद्यपि कोई अपवाद नहीं है, फिर भी आपके कई तीसरी-घनत्वता के इकाइयों की तुलना में मन, शरीर और आत्मा के अलगाव की ओर कम विकृत है। यौन ऊर्जा हस्तांतरण, यदि उस अविकसित आध्यात्मिक, विद्युत या चुंबकीय समूह जिसे आप ऊर्जा तंत्र कहते हैं से प्रवाहित किया जाए तो उस विशेष ऊर्जा तंत्र को प्रभावी रूप से नष्ट कर सकता है। इसके विपरीत, यदि पूर्ण आध्यात्मिक ऊर्जाओं को शारीरिक समूह के ऊर्जा तंत्र से प्रवाहित किया जाए, तो वह भी शरीर के अविकसित ऊर्जा तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।
कुछ ऐसे होते हैं, जैसे यह उपकरण, जिन्होंने, इस विशेष अवतार में, किसी भी समय यौन ऊर्जा को शारीरिक ऊर्जा तंत्र के माध्यम से व्यक्त करना नहीं चुना है। इस प्रकार ऐसे इकाई के अनुभव की शुरुआत से ही शरीर और आत्मा किसी भी यौन क्रिया में साथ-साथ व्यक्त होते हैं। इसलिए, इस उपकरण के लिए यौन ऊर्जा हस्तांतरण आध्यात्मिक के साथ-साथ शारीरिक स्तर पर भी हस्तांतरण करना है। इस उपकरण के चुंबकीय क्षेत्र का, यदि कोई संवेदनशील व्यक्ति सूक्ष्म निरीक्षण करे, तो उसे ये असामान्य व्यवस्थाएँ दिखाई देंगी।
यह केवल एक ही इकाई के लिए ही विशेष नहीं है बल्कि यह काफी संख्या में इकाइयों में पाया जाता है जिन्होंने, नारंगी- और हरी-किरण के यौन अनुभवों की इच्छा को त्याग दिया है, और आत्मा, मन, और शरीर के संयुक्त ऊर्जा तंत्र को इस प्रकार मजबूत किया है कि वे प्रत्येक क्रिया में अपने अस्तित्व की संपूर्णता को व्यक्त कर सकें। इसी कारण सामाजिक मेल-जोल और संगति भी इस उपकरण के लिए बहुत लाभकारी है, क्योंकि यह सूक्ष्म ऊर्जा हस्तांतरणों के प्रति काफी संवेदनशील है।
48.3प्रश्नकर्ता
धन्यवाद। यदि आप, रा, एक व्यक्तिगत इकाई के रूप में अभी पृथ्वी पर पूर्ण जागरूकता और जो आप अभी जानते हैं उसकी स्मृति के साथ अवतरित हों, तो इस समय पृथ्वी पर आपकी गतिविधियों के संदर्भ में आपका उद्देश्य क्या होगा?
रा
हम रा हैं। यह सवाल उस बात की ओर संकेत करता है जिसे हमने अव्यावहारिक पाया है। फिर भी, यदि हम फिर से इतने भोले हो जाएँ कि यह मान लें कि हमारी भौतिक उपस्थिति उस प्रेम/रोशनी जिसे हम आपके लोगों को भेजते हैं और इस संपर्क के इस अमूल्य उपहार से अधिक प्रभावी है, तो हम वही करेंगे जो हम पहले कर चुके हैं। हम बस होते, और स्वयं को सिखाने/सीखने वालों के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
48.4प्रश्नकर्ता
हमारे ग्रह की स्थिति और संचार के तरीकों इत्यादि के बारे में जो आप अब जानते हैं उसके आधार पर, यदि आप, स्वयं, एक व्यक्तिगत रूप में, यहाँ एक घुमक्कड़ के रूप में अवतार लेने की प्रक्रिया से गुज़रे हों और अब आपके पास उस उद्देश्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्मृति हो जिसे आपने अभी बताया है, तो हमारी वर्तमान संचार व्यवस्था में सीखने/सिखाने की प्रक्रिया के लिए आप किन साधनों की तलाश करेंगे?
रा
हम रा हैं। मेरे भाई, हम समझते हैं कि आपने कुछ अनकहे संबंध स्थापित किए हैं। हम इन्हें स्वीकार करते हैं और, इसी कारण, आपकी उलझन में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।
48.5प्रश्नकर्ता
मुझे इसी बात का डर था।
कल मेरे लेक्चर में केवल कुछ ही लोग उपस्थित थे। यदि यह यूएफओ फ्लैप के दौरान हुआ होता, जैसा कि हम उन्हें कहते हैं, तो कहीं अधिक लोग उपस्थित होते। लेकिन चूँकि ऑरायन की इकाइयाँ, हम कहेंगे, दृश्यता के लिए इन फ्लैप्स का कारण बनते हैं क्योंकि इसके द्वारा वे वास्तव में जानकारी के प्रसार के लिए अधिक अवसर और संभावनाएँ उत्पन्न करते हैं जैसे कि इस समय मैं कर रहा हूँ?
रा
हम रा हैं। यह धारणा गलत है। ये फ्लैप्स आपके लोगों में अनेक भय, षड्यंत्रों, लीपापोती, अंग-भंग, हत्याओं, और अन्य नकारात्मक प्रभावों के संबंध में अनेक चर्चाओं, और धारणाओं का कारण बनती हैं। यहाँ तक कि वे कथित सकारात्मक सूचनाएँ जो सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करती हैं, वे भी प्रलय की बात करती हैं। आप स्वयं को उन लोगों में मान सकते हैं जो उन धारणाओं के कारण अल्पसंख्यक में होंगे जिन्हें आप साझा करना चाहते हैं, यदि हम कुछ हद तक इस गलत नाम का उपयोग करें।
हम समझते हैं कि इस समय आगे हम एक और बिंदु प्रस्तुत कर सकते हैं। जो श्रोता ऑरायन-प्रकार के प्रचार द्वारा आकर्षित होते हैं वे काफी हद तक कंपनता की वरिष्ठता द्वारा प्रेरित नहीं होते। वे श्रोता जो प्रचार से मिलने वाली किसी प्रोत्साहन के बिना सिखाने/सीखने को ग्रहण करते हैं, उनका झुकाव अधिक मात्रा में ज्ञान के प्रकाश की ओर होता हैं। इसलिए, गिनती की परवाह मत कीजिए।
48.6प्रश्नकर्ता
धन्यवाद। इससे बात बहुत अच्छी तरह स्पष्ट हो गई। यह एक बहुत महत्वपूर्ण बिंदु है।
क्या आप मुझे बता सकते हैं कि चौथी और पाँचवीं घनत्वता में सकारात्मक और नकारात्मक ध्रुवीकरण का उपयोग चेतना में कार्य उत्पन्न करने के लिए किस प्रकार किया जाता है?
रा
हम रा हैं। तीसरी घनत्वता में किए जाने वाले कार्य की तुलना में चौथी और पाँचवीं घनत्वता का चेतना में बहुत कम कार्य होता है। सकारात्मक चौथी में जो कार्य संपन्न होता है वह यह है कि सकारात्मक सामूहिक स्मृति समूह, जो धीरे-धीरे और सामंजस्यपूर्ण चरणों के माध्यम से स्वयं को एकीकृत कर चुका है, वह उन कम सकारात्मक झुकाव वालों की सहायता के लिए आगे बढ़ता है जो उसकी सहायता चाहते हैं। इस प्रकार उनकी सेवा ही उनका कार्य है।
और इस प्रकार सामाजिक-स्वयं और उस अन्य-स्वयं के बीच जो प्रेम का लक्ष्य है इस गतिशील संबंध के माध्यम से, समझ या करुणा की अधिक से अधिक तीव्रताएँ प्राप्त की जाती हैं। यह तीव्रता तब तक बढ़ती रहती है जब तक रोशनी की उपयुक्त तीव्रता का स्वागत किया जा सके। यही चौथी-घनत्वता की कटाई है।
सकारात्मक चौथी-घनत्वता के भीतर आध्यात्मिक- तथा मानसिक-समूह विकृति के रूप में बहुत कम मात्रा में उत्प्रेरक होता है। यह उस प्रक्रिया के दौरान घटित होता है जिसमें सामंजस्य स्थापित करते हुए सामूहिक स्मृति समूह का गठन किया जाता है। इससे कुछ कम उत्प्रेरक और कार्य उत्पन्न होता है, परंतु चौथी घनत्वता का सबसे बड़ा कार्य सामाजिक स्वयं और कम ध्रुवीकृत अन्य-स्वयं के बीच संपर्क में निहित है।
नकारात्मक चौथी-घनत्वता में पद और प्रभुत्व के लिए होने वाले संघर्ष के दौरान बहुत कार्य संपन्न होता है जो सामूहिक स्मृति समूह की अवस्था से पहले घटित होता है। अन्य-स्वयों पर नियंत्रण स्थापित करके नकारात्मक ध्रुवीकरण करने के अवसर उपलब्ध होते हैं। चौथी-घनत्वता के नकारात्मक सामूहिक स्मृति समूह की अवस्था के दौरान भी, स्थिति यही रहती है। कार्य समाज द्वारा कम ध्रुवीकृत अन्य-स्वयं तक पहुँच बनाने से होता है ताकि नकारात्मक ध्रुवीकरण में सहायता की जा सके।
सकारात्मक और नकारात्मक पाँचवीं-घनत्वता में संभावित अंतर के माध्यम से किए जाने वाले कार्य की अवधारणा विशेष रूप से उपयोगी नहीं है क्योंकि पाँचवीं-घनत्वता की इकाइयाँ, पुनः, अपनी क्षमता को सक्रिय के बजाय तीव्रता बढ़ाने में लगी होती हैं।
सकारात्मक में, पाँचवीं-घनत्वता समूह छठी-घनत्वता के सिखाने/सीखने वालों का उपयोग एकता की अधिक प्रबुद्ध समझ का अध्ययन करने के लिए करता है, और इस प्रकार वह अधिक से अधिक बुद्धिमान बनता जाता है। सकारात्मक पाँचवीं-घनत्वता के सामूहिक स्मृति समूह प्रायः अपनी दूसरों की सेवा को दो प्रकारों में विभाजित करना चुनते हैं: पहला, रचना की ओर रोशनी की किरणें भेजना; दूसरा, सहायता के लिए समूहों को प्रकाश के साधनों के रूप में भेजना जैसे वे जिनसे आप चैनल्स के द्वारा परिचित हैं।
नकारात्मक पाँचवीं-घनत्वता में, स्वयं की सेवा अत्यंत तीव्र हो चुकी होती है और स्वयं सिमटकर या संकुचित होकर रह जाता है ताकि सिखाने/सीखने वालों के साथ होने वाले संवादों का उपयोग केवल बुद्धि को और अधिक तीव्र करने के लिए किया जाता है। पाँचवीं-घनत्वता के नकारात्मक घुमक्कड़ों की संख्या बहुत, बहुत कम होती है क्योंकि वे भूलने से डरते हैं। पाँचवीं-घनत्वता के ऑरायन सदस्यों की संख्या भी बहुत, बहुत कम होती है क्योंकि वे अब अन्य-स्वयों में कोई भी गुण नहीं देखते।
48.7प्रश्नकर्ता
धन्यवाद। मैं उदाहरण के रूप में एक ऐसी इकाई को लेना चाहूँगा, जो जन्म के समय, सकारात्मक ध्रुवीकरण के लिए वरिष्ठता सूची में काफ़ी हद तक ऊपर हो और इस चक्र के अंत में कटाई के लिए भी संभावित रूप से योग्य हो, और उसके अवतार से पूर्व उसके अनुभव के पूर्ण चक्र को क्रम से समझना चाहूँगा—कौन सा शरीर सक्रिय होता है, अवतार लेने की प्रक्रिया क्या होती है, तीसरी-घनत्वता के भौतिक शरीर की सक्रियता की प्रक्रिया जब शरीर इस घनत्वता से होकर गुजरता है और उत्प्रेरक द्वारा प्रभावित होता है, और फिर मृत्यु की प्रक्रिया, और विभिन्न शरीरों की सक्रियता—ताकि हम अवतार से पहले की स्थिति से शुरू करके अवतार और मृत्यु के माध्यम से फिर उसी स्थिति तक एक पूरा चक्र बना सकें, जैसा कि आप कह सकते हैं, इस घनत्वता में अवतार के एक पूर्ण चक्र में। क्या आप यह मेरे लिए कर सकते हैं?
रा
हम रा हैं। आपका सवाल अत्यधिक विकृत है, क्योंकि यह मान लेता है कि सभी रचनाएँ एक जैसी होती हैं। प्रत्येक मन/शरीर/आत्मा समूह के पास अपनी सक्रियता के पैटर्न और अपने जागरूकता की लय होती है। कटाई के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि मन/शरीर/आत्मा समूह के विभिन्न ऊर्जा केंद्रों के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन हो। इसे सापेक्ष महत्व का विषय मानते हुए ध्यान में रखा जाना चाहिए। हम आपके सवाल के मूल भाव को समझते हैं और ऐसे मनमाने सामान्यीकरणों के महत्वहीन होने पर बल देते हुए एक बहुत सामान्य जवाब देंगे।
इकाई, अवतार लेने से पहले, हम कहेंगे, समय/स्थान में उपयुक्त जगह में निवास करती है। इस सटीक स्थान का वास्तविक-रंग प्रकार उस इकाई की आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, वे इकाइयाँ ,जो, घुमक्कड़ हैं, जिनके मन/शरीर/आत्मा समूह का वास्तविक-रंग केंद्र हरा, नीला, या इंडिगो होता है वे वहीं विश्राम करती हैं।
अवतार में प्रवेश करने के लिए इंडिगो-किरण, या एथेरिक शरीर, का निवेश, या सक्रिय होना आवश्यक होता है, क्योंकि यही रूप निर्माता है। युवा, या छोटा, भौतिक मन/शरीर/आत्मा समूह जन्म प्रक्रिया से पहले ही सातों ऊर्जा केंद्रों को संभावित अवस्था में रखता है। समय/स्थान में भी इन ऊर्जा केंद्रों के समरूप रूप मौजूद होते हैं जो सातों वास्तविक-रंग घनत्वताओं में प्रत्येक के सात ऊर्जा केंद्रों के अनुरूप होते हैं। इस प्रकार सूक्ष्म जगत में वह समस्त अनुभव मौजूद होता है जो तैयार किया गया है। मानो शिशु अपने भीतर पूरे ब्रह्मांड को समाहित किए हुए हो।
उच्च वरिष्ठता वाली इकाई की सक्रियता के पैटर्न निस्संदेह कुछ तीव्रता के साथ हरी-किरण स्तर तक पहुँचेंगे जो प्राथमिक नीले तक पहुँचने का स्प्रिंगबोर्ड है। प्राथमिक नीले ऊर्जा में प्रवेश करने में हमेशा कुछ कठिनाई होती है, क्योंकि इसके लिए वह गुण आवश्यक है जो आपकी जनता में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है; अर्थात् ईमानदारी। नीली-किरण स्वयं के साथ और अन्य-स्वयं के साथ मुक्त संचार की किरण है।
यह मान लेने पर कि कटाई योग्य या लगभग कटाई योग्य इकाई इस हरी-किरण स्प्रिंगबोर्ड से कार्य कर रही होगी, तब यह माना जा सकता है कि अवतार के शेष अनुभव मुख्यतः स्वतंत्र रूप से दिए गए संचार की प्राथमिक नीली किरण के सक्रियण पर; और इंडिगो-किरण की, अर्थात् स्वतंत्र रूप से साझा की गई बुद्धिमान ऊर्जा की; और, यदि संभव हो, तो इस प्रवेशद्वार से आगे बढ़ते हुए, बैगनी-किरण की जो अनंत बुद्धिमानिता के भेदन पर केंद्रित होंगे। यह इस रूप में अभिव्यक्त होता हुआ देखा जा सकता है कि दैनिक रचनाओं और गतिविधियों की पवित्र या पावन प्रकृति का अनुभव होने लगता है।
शारीरिक समूह की मृत्यु होने पर, जैसा कि आप इस परिवर्तन को कहते हैं, इकाई को अपनी अवस्था का बोध होते ही, तुरंत इंडिगो रूप-निर्माता शरीर में लौट जाती है और वहीं विश्राम करती है जब तक कि उसके लिए उचित भविष्य की स्थिति निर्धारित नहीं कर दी जाती।
यहाँ हमारे पास कटाई की एक असामान्यता है। कटाई के समय इकाई अपने इंडिगो शरीर को बैंगनी-किरण की अभिव्यक्ति में स्थानांतरित करती है जैसा कि वास्तविक-रंग पीले में देखा जाता है। इसका उद्देश्य इकाई की कटाई योग्य होने का आकलन करना होता है। इस असामान्य क्रिया के सावधानीपूर्वक पूर्ण हो जाने के बाद, इकाई पुनः इंडिगो शरीर में चली जाती है और उसे स्थान/समय तथा समय/स्थान में उचित वास्तविक-रंग के स्थान पर स्थापित किया जाता है, और उस समय आवश्यक हीलिंग तथा सीखने/सिखाने की प्रक्रियाएँ पूरी की जाती हैं और आगे के अवतार की आवश्यकता निर्धारित की जाती है।
48.8प्रश्नकर्ता
हम कहेंगे, कौन, आगे के अवतार की आवश्यकताओं के निर्धारण की देखरेख करता है और, मैं कहूँगा, अवतार के लिए वरिष्ठता सूची तैयार करता है?
रा
हम रा हैं। यह एक सवाल है जिसके दो जवाब हैं।
पहले, वे हैं जो सीधे ग्रह-रक्षको के अधीन होते हैं जो उन इकाइयों के अवतार के पैटर्न के लिए उत्तरदायी होते हैं जो अपने आप अवतार लेती हैं—अर्थात्, वे जिनमें आध्यात्मिक विकास की प्रक्रिया के प्रति सचेत आत्म-जागरूकता नहीं होती। यदि आप चाहें तो इन जीवों को देवदूत के समान कह सकते हैं। वे, हम कहेंगे, स्थानीय हैं, या आपके ग्रहीय क्षेत्र से संबंधित हैं।
कंपनता की वरिष्ठता की तुलना ऐसे की जा सकती है जैसे एक ही गिलास में विभिन्न घनत्वताओं के तरल पदार्थ रखे जाएँ। कुछ ऊपर की ओर उठेंगे; अन्य नीचे की ओर बैठ जाएँगे। इस प्रकार इकाइयों की परत-दर-परत बनती चली जाएंगी। जैसे-जैसे कटाई निकट आती है, वे जो सबसे अधिक रोशनी और प्रेम से भरे होते हैं स्वाभाविक रूप से, और बिना किसी देखरेख के, हम कहेंगे, अवतार के अनुभव के लिए, पंक्ति में आ जाते हैं।
जब कोई इकाई अपने मन/शरीर/आत्मा समूह संपूर्णता में आध्यात्मिक विकास की प्रक्रिया का बोध कर लेती है, तब वह, स्वयं ही, उन सबकों और इकाइयों को तय करती है और स्थान देती है जो भूलने की प्रक्रिया आरंभ होने से पहले अवतार के अनुभव में ध्रुवीकरण की अधिकतम वृद्धि और अभिव्यक्ति के लिए आवश्यक हैं। इन वरिष्ठ इकाइयों को अवतार के अनुभवों के तरीके चुनने की यह पूरी स्वतंत्र इच्छा का केवल एक ही नुकसान है कि कुछ इकाइयाँ एक ही अवतार के अनुभव में इतना अधिक सीखने का प्रयास करती हैं कि उत्प्रेरक की तीव्रता ध्रुवीकृत इकाई को असंतुलित कर देती है और इस प्रकार अनुभव अपने अधिकतम उपयोग के अनुसार उतना प्रभावी नहीं रहता जितना कि इरादा था।
48.9प्रश्नकर्ता
प्रश्नकर्ता : उसकी तुलना ऐसे की जा सकती है जैसे कोई छात्र कॉलेज में प्रवेश करके उतने से अधिक पाठ्यक्रमों के लिए नाम लिखवा ले जितने वह उस समय में वास्तव में सीख या समझ सकता है। क्या यह सही है?
रा
हम रा हैं। यह सही है।
48.10प्रश्नकर्ता
क्या आप मुझे बता सकते हैं कि विभिन्न शरीर, लाल से बैंगनी तक, ऊर्जा केंद्र, लाल से बैंगनी तक के केंद्रों, से कैसे जुड़े हुए हैं? क्या वे किसी प्रकार से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं?
रा
हम रा हैं। यह इस कार्य का आखिरी पूरा सवाल होगा।
जैसा कि हम बता चुके हैं, प्रत्येक वास्तविक-रंग घनत्वताओं में सात ऊर्जा केंद्र होते हैं, और प्रत्येक इकाई में ये सभी संभावित रूप में उपस्थित रहते हैं। पीली किरण अवस्था में रहते हुए, बैंगनी-किरण की अनंत बुद्धिमानिता का सक्रिय होना, अनुभव के अगले अष्टक के लिए एक पासपोर्ट के समान है।
कुछ माहिर ऐसे होते हैं जिन्होंने कई-कई ऊर्जा केंद्रों और कई वास्तविक-रंगों में प्रवेश कर लिया है। भौतिक शरीर में रहते हुए यह कार्य अत्यंत सावधानी के साथ करना चाहिए, क्योंकि, जैसा कि हमने लाल/नारंगी/पीली ऊर्जा-प्रणाली को वस्तविक-रंग नीली ऊर्जा-प्रणाली से जोड़ने के खतरों के बारे में बात करते समय उल्लेख किया था, मन/शरीर/आत्मा समूह के असंतुलित हो जाने की संभावना बहुत अधिक है। हालाँकि, वह इकाई जो अनंत बुद्धिमानिता में प्रवेश कर लेती है मूलतः पूरे ब्रह्मांड में बिना किसी बंधन के चलने में सक्षम हो जाती है।
क्या इस उपकरण को छोड़ने से पहले कोई छोटा सा सवाल है?
48.11प्रश्नकर्ता
केवल इतना कि क्या ऐसा कुछ है जो हम कर सकते हैं जिससे इस उपकरण को अधिक आराम मिले या संपर्क को बेहतर बनाया जा सके?
रा
हम रा हैं। सब कुछ ठीक है। जैसा कि हमने कहा है, यह उपकरण शारीरिक रूप से कमजोर है, और कार्य को लंबे समय तक जारी रखने से यह कमजोरी बढ़ेगी। यह निरंतर संपर्क इस उपकरण की जीवन ऊर्जा की निरंतर वृद्धि में भी सहायता करता है, साथ ही समूह की एक इकाई के रूप में एकीकरण और जीवन-ऊर्जा को भी बढ़ाता है। निर्णय आपका है। हम प्रसन्न हैं। सब कुछ ठीक है। आप कर्तव्यनिष्ठ हैं। ऐसे ही जारी रखें।
हम रा हैं। हम आपको एक अनंत रचयिता के प्रेम और रोशनी में छोड़ रहे हैं। इसलिए, हमारे दोस्तो, एक अनंत रचयिता की शक्ति और शांति में आनंदित होते हुए आगे बढ़ो। अडोनाई।